मेटाबोलिज्म क्या वजन बढ़ने का कारण होता है

 मेटाबोलिज्म क्या वजन बढ़ने का कारण होता है

दोस्तों आज हम आपको बताने वाले हैं कि क्या मेटाबॉलिज्म वजन बढ़ने का कारण होता है। दोस्तों आज हम आपको मेटाबॉलिज्म के बारे में बताने वाले हैं। आप किस तरीके से इसे कंट्रोल कर सकते हो इसके बारे में आपको सभी जानकारी देने वाले हैं। तो आप इसलिए हमारे साथ इस आर्टिकल में अंत बने रहे। कि आप किस तरीके से यह पता कर सकते हैं, कि मेटाबॉलिज्म क्या वजन बढ़ने का कारण होता है।

मेटाबोलिज्म क्या होता है?

दोस्तों मेटाबॉलिज्म हमारे शरीर के अंदर होने वाली काफी सारी रासायनिक क्रियाएं होती हैं। जिनमें से कुछ के द्वारा हमारे शरीर को ऊर्जा मिलने और कोशिकाओं को स्वस्थ और कार्यशील बनाए रखने का काम भी होता है। दोस्तों शरीर को लगातार ही ऊर्जा की जरूरत रहती है। यह ऊर्जा भोजन से हमें मिलती है। भोजन को एनर्जी के बदले की प्रक्रिया अथवा कभी-कभी शरीर में फैट आदि के रूप में भी जमा एनर्जी का उपयोग किया जाना भी मेटाबॉलिज्म का हिस्सा होता है।

मेटाबोलिज्म कैसे कंट्रोल होता है?

दोस्तों हमारे शरीर के अंदर मौजूद काफी सारे अंतः स्रावी ग्रंथियां द्वारा सावरित हारमोंस की सहायता से मेटाबॉलिज्म की दर और दिशा तय होती है। जैसे कि थायराइड ग्रंथि के स्राव थायराइड के मेटाबॉलिज्म कितना तीव्र या फिर धीमी गति से होगा, यह तय करता है। दोस्तों खाना खाने के बाद जब हमारे रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ती है। तो पेन्क्रियास ग्रंथि से इंसुलिन नामक हार्मोन का स्राव होता है। दोस्तों यह सेल्स को ग्लूकोस का उपयोग बढ़ाने का संकेत देता है।

मेटाबोलिज्म और वजन में सम्बन्ध-

दोस्तों मेटाबॉलिज्म एक तरीके की जटिल प्रक्रिया होती है, और काफी सारे लोग यह समझते हैं कि यह केवल वजन बढ़ाने या फिर कम होने की गति होती है। लेकिन दोस्तों वजन और मेटाबोलिज्म में थोड़ा बहुत तो संबंध जरूर होता है। लेकिन यह भ्रम लोगों को है कि जिनका मेटाबोलिज्म जब धीमा होता है। उनका वजन ज्यादा तेजी से बढ़ जाता है, और जिनका मेटाबॉलिज्म तेज होता है, वह कितना भी खा ले पतले दुबले ही बने रहते हैं। लेकिन ऐसा नहीं होता है।

मेटाबॉलिज्म , वजन और केलोरी-

दोस्तों असल में वजन बढ़ाने या कम होने में कैलोरी की भूमिका का काफी ज्यादा महत्वपूर्ण योगदान होता है। किसी के शरीर की कितनी कैलरी जलती है। यह फिजिकल एक्टिविटी और शरीर के अंदर मौजूद पेट में मांसपेशियों की मात्रा तथा BMR के अनुसार ही तय होता है।

BMR क्या होता है?

दोस्तों BMR किसी भी व्यक्ति में आराम की स्थिति में कैलोरी की जलने की दर होती है। आराम की स्थिति के अंदर में बिग बेसिक फंक्शन जैसे कि रक्त का प्रवाह, सांस चलना, हार्मोन का संतुलन, कोशिकाओं का निर्माण और रिपेयर जैसे काम चलते रहते हैं। इनके लिए भी केल्डीश की जरूरत पड़ती है। इन कामों के लिए जितनी कैलोरी की जरूरत होती है। वह BMR होती है, दोस्तों BMR लगभग स्थिर रहता है। साथ ही इसके अंदर बदलाव नहीं किया जा सकता है।

BMR के अलावा भी अन्य कार्य होते हैं, जैसे कि भोजन का पाचन, परिवहन, अवशोषण और संग्रहण में भी हमारी कैलोरी जलती है। इसके अलावा सभी छोटी-बड़ी शारीरिक गतिविधियों के अंदर भी हमारी कैलोरी उपयोग में आती रहती है। यहां तक कि कुछ लोग बोलते हैं, कि समय या फिर तनाव के समय अनजाने में हाथ पैर विशेष तरीके से हिलने लगते हैं। इसके अंदर भी कैलोरी खर्च होती है।

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