सॉफ्टवेयर टेस्टिंग क्या है?
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग क्या है?
दोस्तों आज हम आपको बताने वाले हैं कि आप किस तरीके से सॉफ्टवेयर टेस्टिंग कर सकते हैं। सॉफ्टवेयर टेस्टिंग करने के लिए आपको किन-किन चीजों को ध्यान में रखना होता है। इसके लिए आपको कौन से दोनों का इस्तेमाल करना होता है और इसके लिए क्या आपको कोई कोर्स करना पड़ता है और आगे भविष्य के लिए क्या आप इसके अंदर जॉब्स पा सकते हैं आज हम इन सब के बारे में बात करने वाले हैं और आपको सही तरीके से जानकारी प्रदान करेंगे।
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग क्या होता है?
दोस्तों जब हम किसी सॉफ्टवेयर को बनाते हैं। तो उसकी टेस्टिंग की सहायता से हम यह चेक करते हैं। कि सॉफ्टवेयर के अंदर किसी भी तरीके का कोई अरर तो नहीं आ रहा है। अगर उसके अंदर कोई भी अरर आता है। तो उसे फिक्स करके हम उस अरर फ्री कर देते हैं। क्योंकि दोस्तों सॉफ्टवेयर के कुछ अरर की वजह से काफी डिवाइस के अंदर नुकसान भी हो जाता है। इसलिए इस जोखिम को कम करने के लिए। हम पहले से ही सॉफ्टवेयर टेस्टिंग करते हैं। ताकि हम आगे आने वाली परेशानी का पहले ही पता लगा सके और उसे रोक सके।
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग कैसे करते है?
दोस्तों अगर आप भी जानना चाहते हैं कि सॉफ्टवेयर टेस्टिंग कैसे करते हैं। तो आपको बता दूं कि इसको 3 तरीकों से किया जाता है। जिसके बारे में आपको नीचे पढ़ने को मिल जाएगा।
Black Box टेस्टिंग
दोस्तों इस टेस्टिंग के अंदर में इंटरनल कोड संरचना को देखे बिना ही टेस्ट के तहत सॉफ्टवेयर की कार्य क्षमता ओं का मूल्यांकन करा जाता है। क्योंकि इस तरह की टेस्टिंग के अंदर सॉफ्टवेयर कोड की आवश्यकता नहीं होती है। इस टेस्टिंग के द्वारा हम सॉफ्टवेयर की कार्य क्षमता को टेस्ट करते हैं। कि वह सही तरीके से कार्य कर रही है या नहीं।
White Box टेस्टिंग
दोस्तों आपको बता दूं इस टेस्टिंग के अंदर में सॉफ्टवेयर कोड का काफी ध्यान रखा जाता है। सॉफ्टवेयर कोड की सहायता से ही टेस्टर इंटरनल लॉजिक का परीक्षण करते हैं। यह टेस्टिंग यूनिट लेवल पर करी जाती है। इसके अन्य नाम किलर बॉक्स, गिलास बॉक्स, स्ट्रक्चरल टेस्टिंग आदि है। इस टेस्ट को करने के लिए टेस्टर को प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की काफी अच्छी नॉलेज होनी जरूरी है।
Grey Box टेस्टिंग
दोस्तों यह टेस्टिंग बाकी दोनों टेस्टिंग से थोड़ा मिलता-जुलता ही होता है। इस टेस्टिंग के अंदर टेस्टर के पास सबसे पहले ही डिजाइन और डेटाबेस का एक चिप होता है। जिससे कि वह सॉफ्टवेयर को और भी ज्यादा अच्छे तरीके से टेस्ट कर सकें।
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग टूल्स
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग टूल्स इस प्रकार से हैं-
- Testcomplete
- Selenium
- Winrunner
- Watir
- Loadrunner
- Robotium
- Silktest
- Testing Anywhere
- HP Quicktest Professional
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग कोर्स
दोस्तों अगर आप भी सॉफ्टवेयर टेस्टिंग का कोर्स करना चाहते हैं। तो काफी सारे ऐसे इंस्टिट्यूट मौजूद है। जो आपको सॉफ्टवेयर टेस्टिंग का कोर्स करवाते हैं। जिसके अंदर आप डिप्लोमा कोर्स या फिर सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के लिए आपको कई इंस्टिट्यूट में बीई, एमएससी, बीसीए, बीएससी, बीटेक, एमटेक की डिग्री की आवश्यकता पड़ती है।
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग जॉब्स
दोस्तों अगर आप सॉफ्टवेयर टेस्टिंग का कोर्स करते हैं। तो आप इसको करने के बाद किसी भी अच्छी सी आईटी सॉफ्टवेयर कंपनी के अंदर जॉब पा सकते हैं। क्योंकि काफी सारी आईटी सॉफ्टवेयर कंपनियां हमेशा ही अच्छे सॉफ्टवेयर टेस्टर की भर्तियां करते रहते हैं।
दोस्तों हमने आपको सॉफ्टवेयर टेस्टिंग से जुड़ी हुई काफी सारी चीजें बताई है। अगर आप भी यह सीखना चाहते हैं। तो आप इसको किसी अच्छे इंस्टिट्यूट से सीख सकते हैं। इसे सीखने के बाद आपको बड़े आसानी से जॉब मिल जाती है। लेकिन आपको इसको सीखने के साथ-साथ मेहनत भी करनी है। इसके अंदर आपका भविष्य सिक्योर रहता है ।
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