सही फंड चुनने से पहले इन पांच बातों का रखें ध्यान म्युचुअल

 सही फंड चुनने से पहले इन पांच बातों का रखें ध्यान

दोस्तों क्या आप भी फंड के अंदर पैसा लगाते हैं, या आप उनके अंदर निवेश करना चाहते हैं। अगर आप भी फंड के अंदर निवेश करना चाहते हैं। तो आपको फंड के अंदर निवेश करने से पहले इन पांच बातों का हमेशा ही ध्यान रखना होगा। क्योंकि यह आपको आगे आने वाली परेशानी और खतरों से पहले ही सचेत कर देते है। अगर आप आगे फंड चुनने से पहले इन पांच बातों का जरूर ध्यान रखते हो। तो आपको भविष्य में आगे काफी फायदा होगा।

1) अपनी रिसर्च करें

दोस्तों देखा जाए तो जब भी सही म्युचुअल फंड को चुनने की बात आती है। तो काफी सारे विचार हमारे दिमाग में आने लगते हैं। लेकिन हम जब भी किसी मुचल फंड को चुनते हैं, तो हमें उसके पहले सभी पैरामीटर को देखना चाहिए। हमको वहां पर रिटर्न की उम्मीद को लेकर साथ ही जोखिम को लेकर भी सहनशीलता को बरतना चाहिए। हमारे को निवेश की सही रिसर्च के साथ ही निवेश का ज्ञान आदि होना जरूरी है। साथ ही हमें यह भी पता होना चाहिए कि निवेश का पिछले कुछ सालों के अंदर कैसा प्रदर्शन रहा है। इन सब को देखने के बाद ही उसके आधार पर ही। आपको किसी अच्छे मुचल फंड के अंदर निवेश के बारे में सोचना चाहिए।

2) अपना लक्ष्य जानें 

मुचल फंड को चुनने से पहले आपका काम होता है, कि अपने लक्ष्य को तय कर लेना। मतलब कि आप जिस में भी निवेश करना चाहते हो। उसके बारे में आपको पहले से ही तय करना होगा। क्योंकि यहां पर यह आपको एक ऐसा फंड चुनने में मदद करते हैं। जो आपकी जरूरतों के लिए काफी उपयोगी साबित होती है। एक लक्ष्य के अंदर आपके निवेश का भी उद्देश्य शामिल होता है। हालांकि एक लक्ष्य के अभाव में किसी को भी अपनी यात्रा की अवधि को कम करने की आवश्यकता नहीं होती है।

3) रिस्क एनालिसिस करें

दोस्तों फंड को लेने से पहले आप हमेशा ही उसके जोखिम को सही तरीके से समझें और उसके रिस्क को सही तरीके से एनालिसिस करके। आप कभी किसी अच्छे इक्विटी म्युचुअल फंड को चुने, क्योंकि यहां पर हर एक म्युचुअल फंड के अंदर कुछ ना कुछ जोखिम जरूर होता है। इसलिए आप उसको पहले सही तरीके से एनालिसिस करें कि आपको किस के अंदर अच्छा रिटर्न देखने को मिलेगा। उसके बाद ही आप अपनी जरूरत के हिसाब से उस म्युचुअल फंड के अंदर जोखिम लेकर निवेश कर सकते हैं।

4) व्यय अनुपात को नियंत्रित रखें 

दोस्तों यह एक उचित प्रबंधन के लिए लिया जाने वाला पे कमीशन होता है। क्योंकि दोस्तों एक निवेशक के रूप में देखा जाए तो म्युचुअल फंड की तलाश काफी महत्वपूर्ण होती है। जो कि कम व्यय अनुपात के साथ में आता है।क्योंकि यहां पर व्यय अनुपात की गणना निवेश के कुछ ही पोर्टफोलियो के अंदर होती है और इसका काफी महत्वपूर्ण प्रभाव भी होता है।

5) अपने निवेश से आकर्षित होने वाले करों पर आप विचार करें

टैक्स पर विचार करना भी एक ऐसी चीज होती है। जिसको निवेशकों को विशेष रुप से ध्यान देना होता है। अगर आप शुरुआत में इस को नजरअंदाज करने लगेंगे, तो इक्विटी फंड से मिलने वाले रिटर्न पर आपकी होल्डिंग पीरियड और लागू टैक्स रेट के आधार पर ही टैक्स लगता है। दोस्तों टैक्स के बाद यहां पर रिटर्न के मामले में भी म्युचुअल फंड अक्सर कुशल होता है। उदाहरण के लिए आप मान सकते हैं, कि लंबी अवधि में पूंजीगत लाभ पर आप यहां पर ₹1 लाख की छूट सीमा के अधिकार पर यहां 10 परसेंट पर लगाया जाता है। जबकि अल्पकालिक पूंजीगत पर लाभ यहां 15 परसेंट की दर पर लगाया जाता है।

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