WWW क्या है और इसका फुल फॉर्म क्या है?
WWW क्या है और इसका फुल फॉर्म क्या है?
दोस्तों आज मैं आपको बताऊंगा कि WWW क्या है। साथ ही इसकी फुल फॉर्म भी बताऊंगा। कोशिश करूंगा कि आज मैं आपको इससे जुड़ी हुई ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्रदान करा पाऊं। आज हम आपको इसके इतिहास के बारे में भी बताने वाले हैं। दोस्तों आज के समय में हर कोई WWW को जानता ही है। अगर आप किसी भी वेबसाइट के ऊपर विजिट करते हैं। तो आपको सबसे पहले WWW का इस्तेमाल करना पड़ता है। उसके बाद ही आपको उस वेबसाइट का नाम टाइप करना होता है। तो चलिए देखते हैं, WWW के बारे में।
WWW क्या है?
दोस्तों WWW का मतलब होता है, कि दुनिया के अंदर जितनी भी सारी वेबसाइट है। वह सभी वेबसाइट को इंटरनेट से जोड़ कर रखता है। दोस्तों इसको वेब के नाम से भी जाना जाता है। यह कंप्यूटर और इंटरनेट नेटवर्क में कई एप्लीकेशन में से एक है। दोस्तों इंटरनेट कंप्यूटर का एक काफी बड़ा नेटवर्क है। जिसके अंदर काफी सारे कंप्यूटर एक साथ जुड़े हुए होते हैं। जबकि वर्ल्ड वाइड वेब यानी कि WWW जिसको हम शॉर्टकट में वेब भी कहते हैं। दोस्तों यह वेब पेज एक कलेक्शन होता है। जो कि कंप्यूटर के नेटवर्क के अंदर पाया जाता है। आपका वेब पेज इन पेजेस को उपयोग करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करता है।
WWW का फुल फॉर्म क्या है?
WWW का फुल फॉर्म- वर्ल्ड वाइड वेब (WORLD WIDE WEB)
WWW का इतिहास-
दोस्तों वर्ल्ड वाइड वेब जिसको WWW कहा जाता है। इसका आविष्कार 1989 के अंदर Sir Tim Berners-Lee ने किया था। दोस्त यह एक ब्रिटिश साइंटिस्ट है और इनका जन्म लंदन के अंदर हुआ था। दोस्तों आपको बता दूं, कि इनके माता-पिता भी कंप्यूटर के साइंटिस्ट थे। वह काफी सारे एक्सपेरिमेंट करते रहते थे। ताकि वैज्ञानिकों के लिए एक नया रास्ता खोल सके। जिससे कि हम आसानी से किसी भी डाटा को एक दूसरे के साथ शेयर कर सके। क्योंकि दोस्तों हाईपरटेक्स्ट और इंटरनेट पहले से ही मौजूद थे। लेकिन किसी ने भी इस चीज की कल्पना नहीं करी थी कि कोई ऐसा रास्ता भी हो सकता है। जिससे हम इंटरनेट का इस्तेमाल करके एक डॉक्यूमेंट को हम किसी दूसरे के पास भेज सकते हैं। दोस्तों दुनिया भर के अंदर विश्वविद्यालयों और संस्थानों में वैज्ञानिकों के बीच में ऑटोमेटिक इनफॉरमेशन को शेयरिंग करने की मांग को पूरा करने के लिए ही वेब की कल्पना की गई। फिर इस को पूरे तरीके से विकसित किया गया।
दोस्तो WWW का यह आइडिया था, कि वह कंप्यूटर के विकसित हो रही टेक्नोलॉजी को आपस में मर्ज करें। जिससे कि हाइपरटेक्स्ट और डाटा नेटवर्क को मिलाकर एक काफी शक्तिशाली और आसानी से इस्तेमाल होने वाला ग्लोबल इनफॉरमेशन सिस्टम को बनाया जा सके।
दोस्तों Berners-Lee ने 1991 के अंदर WWW सॉफ्टवेयर को रिलीज कर दिया था। आपको बता दूं, कि इस सॉफ्टवेयर के अंदर लाइन मोड ब्राउज़र, वेब सर्वर सॉफ्टवेयर और डेवलपर्स के लिए यहां पर एक लाइब्रेरी थी।
दोस्तों इसको मार्च के अंदर 1991 में CERN काम कर रहे कर्मचारियों के लिए इसको उपलब्ध कराया था। फिर दोस्तों इन्होंने कुछ ही महीनों के बाद 1991 के अंदर ही। इन्होंने इंटरनेट न्यूज़ ग्रुप के अंदर WWW सॉफ्टवेयर के बारे में अनाउंस किया था। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूरी दुनिया के अंदर फैलाने की रुचि दिखाई थी।
दोस्तों Tim ने तीन मुख्य टेक्नोलॉजीओं का सुझाव दिया है। जिसका अर्थ होता है, कि सभी कंप्यूटरों को एक दूसरे से एचटीएमएल, यूआरएल, एचटीटीपी की मदद से आसानी से समझा जा सके। इन सभी चीजों का आज भी लोग उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने सबसे पहला दुनिया का वेब ब्राउजर और वेब सर्वर भी बनाया था।
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