NOTA Full Form in Hindi : नोटा क्या हैं व किसे कहा जाता है
दोस्तों आज मैं आपको नोटा के बारे में बताऊंगा क्योंकि ज्यादातर लोगों को नोटा के बारे में नहीं पता कि नोटा क्या होता है और यह किन देशों में इस्तेमाल होता है.
नाटो का अर्थ?
नोटा का अर्थ "इनमें से कोई भी नहीं" होता है, पहले के समय में जब चुनाव होते थे, तो चुनाव के टाइम लोग अपनी अलग-अलग पार्टियां बनाते थे। और चुनाव के लिए आवेदन करते थे ।
पहले के समय में जब मतदान होते थे, तो लोग मतदान करने नहीं जाते थे। क्योंकि उनके जानने वाला उम्मीदवार खड़ा नहीं होता था। इसलिए वह मतदान करने नहीं जाते थे। वह अपना मतदान किसी और को नहीं देना चाहते थे। इसीलिए सरकार ने ईवीएम मशीन जारी की है। जो बेहद सुरक्षित व उपयोगी है। इसमें नोटा का भी फीचर दिया जाता है। अगर कोई भी व्यक्ति किसी को भी मतदान नहीं करना चाहता तो वह नोटा बटन दबा सकता है। इससे उसका वोट किसी भी प्रतिनिधि को प्राप्त नहीं होगा।
नोटा बटन EVM मशीन में कहा होता है?
नोटा से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बाते !
- नोटा का इस्तेमाल हम किसी को भी वोट नहीं देने के लिए करते हैं, 2009 में भारतीय चुनाव आयोग ने उच्च न्यायालय में एक अर्जी दी थी जिसमें उन्होंने ईवीएम में नोटा फीचर जोड़ने के लिए कहा।
- 2013 में उच्चतम न्यायालय ने इसके संबंध में फैसला सुनाया जिसमें उन्होंने ईवीएम में नोटा जोड़ने की अनुमति दी जिसके तहत किसी भी मतदाता को योग्य उम्मीदवार ना मिलने पर अपना वोट वोट नोटा में डाल सकता है।
- आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि सर्वप्रथम 5 विधानसभा के चुनावों में किया गया चुनाव जिसमें 15 लाख से ज्यादा लोगों ने नोटा पर वोट दिया था। इससे लोगों के अंदर पहले से जागरूकता आई है और वह वोट देने के लिए पहले से उत्साहित भी हुए हैं।
नोटा का इस्तेमाल किन-किन देशों मे होता है?
- भारत में सबसे ज्यादा नोटा का इस्तेमाल होता है। लोगों को अपना पसंदीदा उम्मीदवार ना मिलने के कारण लोग नोटा पर वोट देते हैं। ताकि उन्हें अगली बार अच्छा कोई नेता देखने को मिल सके।
- नोटा का इस्तेमाल करने वाले बहुत सारे देश हैं। जैसे कोलंबिया ब्राज़ील बांग्लादेश यूक्रेन फिनलैंड स्पेन फ्रांस चिली स्वीडन भारत बेल्जियम और ग्रीस जैसे देशों में नोटा का इस्तेमाल किया जाता है।
- नोटा का चुनाव चिन्ह मतपत्र में जिस पर एक क्रॉस का निशान बनाया होता है। इस निशान को नाटो के लिए 18 सितंबर 2015 को चुना गया था। वह निशान को राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान गुजरात के द्वारा बनाया गया था।
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